त्याग की मिसाल! गोहाना नगर परिषद चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी ने ठुकराया वेतन और सरकारी सुविधाएं
गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन और हरियाणा नगर पालिका एवं नगर परिषद चेयरमैन एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष रजनी इंद्रजीत विरमानी ने अपने कार्यकाल में पूरी ईमानदारी और निष्ठा का परिचय दिया है। उन्होंने न केवल 18500 रुपए मासिक वेतन ठुकरा दिया, बल्कि सरकारी गाड़ी और अन्य सुविधाएं भी लेने से इनकार कर दिया। कार्यालय में आने वाले आगंतुकों को वह अपनी जेब से चाय पिलाती हैं, किसी भी प्रकार का सरकारी लाभ लेने से बचती हैं।

गोहाना नगर परिषद की लगातार दूसरी बार चेयरपर्सन बनीं रजनी इंद्रजीत विरमानी ने ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा की मिसाल पेश की है। वह न तो सरकारी वेतन लेती हैं और न ही किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा का उपयोग करती हैं। चेयरपर्सन के पद पर रहते हुए उन्हें जो सरकारी गाड़ी आवंटित की गई थी, उसे भी उन्होंने वापस कर दिया।
रजनी विरमानी न केवल गोहाना की बेटी हैं, बल्कि इस नगर के विकास के लिए भी पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने अपनी पहली टर्म में मिलने वाला 12,000 रुपए मासिक वेतन मस्जिद के विकास के लिए दान कर दिया था। दूसरी टर्म में उन्हें 18500 रुपए प्रति माह वेतन मिलने का प्रावधान था, जिसे उन्होंने लेने से इनकार कर दिया।
उनकी ईमानदारी केवल वेतन त्याग तक सीमित नहीं है। नगर परिषद में कोई भी आगंतुक बिना चाय पिए नहीं जाता, लेकिन वह चाय अपने निजी खर्चे से उपलब्ध कराती हैं। यहां तक कि नगर परिषद के स्वीपर और कर्मचारी कई अधिकारियों के घरों में काम करते हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी इस सेवा का अपने निजी जीवन में उपयोग नहीं किया।
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